उत्तराखण्ड

सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, सभी विभाग समन्वय के साथ करें कार्य- डीएम

सड़क सुरक्षा बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती, चालान अभियान तेज करने के निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए चालान अभियान को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने पर बल दिया।

जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि आमजन को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का प्रशिक्षण बड़े स्तर पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विशेष रूप से मौके पर तैनात रहने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से देने को कहा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी दुर्घटना में घायल व्यक्ति को उपचार देने से कोई भी चिकित्सालय मना नहीं कर सकता। इसके लिए ई-डार प्रणाली के संबंध में प्रशिक्षण भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ट्रैफिक पार्क के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि इसे गांधी पार्क में विकसित किया जाएगा, जिससे विशेषकर बच्चों एवं युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। उन्होंने पुलिस एवं परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि सड़कों पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध नियमित चालान अभियान चलाया जाए। रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने तथा सड़क किनारे खड़े वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाकर सीसीटीवी निगरानी वाले स्थानों पर रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि अव्यवस्थित पार्किंग यातायात जाम का प्रमुख कारण है।

जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चालान की कार्यवाही को सुदृढ़ करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की फोटो लेकर त्वरित चालान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किए जाएं।

सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत (पॉटहोल फिलिंग) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए। छोटे गड्ढों को समय रहते भरने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। उन्होंने परिवहन विभाग को लोक निर्माण विभाग एवं नगर निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने तथा चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में छायादार विश्राम स्थलों एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को दी गई आर्थिक सहायता की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मुआवजे से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित न रखा जाए तथा सभी मामलों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, जिसमें सहायता राशि, दुर्घटना के कारण एवं बीमा कंपनियों द्वारा दी गई सहायता का विवरण शामिल हो।

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) को चिन्हित कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही आरटीओ को अन्य संबंधित विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर अनुपयुक्त एवं जोखिमपूर्ण मोटर मार्गों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया।

बैठक में राजस्व, पुलिस, परिवहन विभाग एवं नगर निकायों को संयुक्त अभियान चलाकर सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को सड़कवार क्रैश बैरियर की आवश्यकता एवं उपलब्धता की रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा लंबित सर्वेक्षण कार्यों को मई माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने लंबित मजिस्ट्रियल जांचों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त बस अड्डों पर यात्रियों की सुविधा के लिए शौचालय एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, आरटीओ विमल पाण्डे, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल, एआरटीओ मंगल सिंह, उप निरीक्षक प्रवीण रावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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