उत्तराखण्ड

‎हरेला महाभियान की तैयारियां तेज, सभी जिलों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाने के निर्देश

हरेला अभियान में फलदार एवं औषधीय पौधों को मिलेगी प्राथमिकता: आयुक्त

‎भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में रामबांस व नेपियर घास लगाने के निर्देश, हरेला को जनउत्सव बनाने पर जोर

पौड़ी-  आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप ने आयुक्त वीसी कक्ष में आगामी हरेला पर्व की तैयारियों को लेकर वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल मंडल के जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित होने वाले व्यापक पौधरोपण महाभियान की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

‎आयुक्त ने निर्देश दिए कि हरेला अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। इसके लिए पौधों को गमलों में तैयार कर स्थानीय लोगों को वितरित किया जाए, ताकि वे उन्हें अपने घर अथवा उपयुक्त स्थान पर रोपित कर सकें। उन्होंने सभी नागरिकों को कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने उद्यान विभाग को फलदार एवं औषधीय पौधों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए विभागवार लक्ष्य के अनुसार पौधे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

‎आयुक्त ने चमोली, रुद्रप्रयाग एवं उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों को धामों के आसपास तथा चारधाम यात्रा मार्ग पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में रामबांस, नेपियर घास तथा भूस्खलन रोकने में सहायक प्रजातियों का रोपण किया जाए। साथ ही स्लाइडिंग जोन में पौधरोपण से पूर्व बायो-इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की सलाह लेने के भी निर्देश दिए।

‎जिलाधिकारी टिहरी निकिता खंडेलवाल ने बताया कि लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई के माध्यम से जिन सड़क मार्गों पर क्रैश बैरियर नहीं हैं, वहां विशेष रूप से वृक्षारोपण कराया जाएगा। जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य ने बताया कि नेताला क्षेत्र में भूस्खलन प्रभावित स्थानों पर रामबांस का रोपण किया जाएगा।

‎मंडलायुक्त ने कहा कि हरेला पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध तैयारियां पूर्ण करने, पौधरोपण स्थलों का चयन, जियो-टैगिंग एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पौधरोपण के बाद पौधों के संरक्षण और नियमित देखरेख पर विशेष जोर दिया।

‎उन्होंने हरेला दिवस पर सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, स्वयं सहायता समूहों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आमजन की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने तथा अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश भी दिए।

‎बैठक में वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, टिहरी निकिता खंडेलवाल, उत्तरकाशी प्रशांत आर्य, पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया, रुद्रप्रयाग विशाल शर्मा, सीडीओ चमोली डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डीएफओ हरिद्वार स्वप्नित अनिरुद्ध जुड़े जबकि आयुक्त कैंप कार्यालय में सीडीओ पौड़ी अशोक जोशी, डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, सिविल एवं सोयम पवन नेगी, अपर निदेशक माध्यमिक/प्रारंभिक शिक्षा प्रमेंद्र कुमार बिष्ट, डीपीआरओ जितेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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