पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे सुविधाओं का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

पर्यटकों की सुविधाओं से समझौता नहीं, गुणवत्ता के आधार पर होगा होमस्टे का कैटेगरी निर्धारण: जिलाधिकारी
पौड़ी- जनपद में पर्यटन को गति देने तथा होमस्टे सुविधाओं को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। इसी क्रम में खिर्सू में आयोजित जनसेवा शिविर के उपरांत जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला पर्यटन अधिकारी, उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार के साथ खिर्सू स्थित माउंटेन पीक होमस्टे एवं रिवाज होमस्टे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेने के साथ ही सभी पंजीकृत होमस्टे का सत्यापन, गुणवत्ता के आधार पर कैटेगरी निर्धारण तथा उनकी ऑनलाइन मैपिंग एवं डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने होमस्टे संचालकों से विस्तार से संवाद कर पर्यटकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, संचालन व्यवस्था, आवश्यक अभिलेखों तथा निर्धारित चेकलिस्ट के अनुरूप व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने दूरभाष के माध्यम से वहां ठहरे पर्यटकों से भी सीधे बातचीत कर स्वच्छता, पेयजल, भोजन, आतिथ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया और उनकी संतुष्टि का आकलन किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड में होमस्टे स्थानीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम हैं। इसलिए प्रत्येक होमस्टे में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं, स्वच्छ वातावरण और पर्यटकों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देशों एवं साइनेज बोर्ड लगाने, पर्यटकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा होमस्टे तक पहुंचने वाले मार्गों एवं पाथवे को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले के सभी पंजीकृत होमस्टे का भौतिक सत्यापन अभियान चलाया जाए और उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया जाए। निरीक्षण के आधार पर होमस्टे की गुणवत्ता के अनुरूप उनकी श्रेणी (कैटेगरी) निर्धारित की जाए। जिन होमस्टे में निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध हैं, उन्हें उच्च श्रेणी में अपग्रेड किया जाए, जबकि मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले होमस्टे की श्रेणी का पुनर्निर्धारण किया जाए, ताकि पर्यटकों को वास्तविक गुणवत्ता के अनुरूप सेवाएं मिल सकें।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी पंजीकृत होमस्टे का मानचित्र सत्यापित करने तथा उनकी अद्यतन जानकारी पर्यटन विभाग की वेबसाइट एवं एनआईसी पोर्टल पर प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक होमस्टे की लोकेशन, संपर्क विवरण, उपलब्ध सुविधाएं एवं श्रेणी का ऑनलाइन डाटा स्पष्ट रूप से उपलब्ध होना चाहिए, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें और ऑनलाइन माध्यम से उपयुक्त होमस्टे का चयन कर सकें।
उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से जिले में उपलब्ध होमस्टे की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, नियमित निरीक्षण और पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था से पर्यटकों का विश्वास बढ़ेगा तथा स्थानीय लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, तहसीलदार दीपक भंडारी सहित अन्य उपस्थित रहे।

