उत्तराखण्ड

कांवड़ यात्रा में खाद्य गुणवत्ता से समझौता नहीं, विद्युत परिसंपत्तियों का कराएं सेफ्टी ऑडिट: आयुक्त

लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें: आयुक्त आनंद स्वरूप

खाद्य सुरक्षा, औषधि नियंत्रण और विद्युत व्यवस्था की मंडलीय समीक्षा, अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

पौड़ी – आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गुरुवार को आयुक्त सभागार पौड़ी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग, वन विभाग, यूपीसीएल व क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपादित करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान होटल, ढाबों एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा रेट लिस्ट का अनिवार्य रूप से प्रदर्शन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई संस्था अथवा व्यक्ति यात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन, पेयजल या औषधियों का वितरण करता है, तो उनकी गुणवत्ता एवं सुरक्षा का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने खाद्य पदार्थों में रासायनिक मिलावट की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि खाद्य उत्पादक एवं पैकेजिंग इकाइयों की नियमित सैंपलिंग कराई जाए। मिलावट अथवा मानकों के उल्लंघन के मामले पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आयुक्त ने औषधि नियंत्रण विभाग को निर्देश दिए कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अंतर्गत लंबित 38 तथा एनडीपीएस एक्ट के 47 प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि औषधि निर्माण करने वाली सभी मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों, थोक दवा विक्रेताओं एवं औषधि आपूर्ति श्रृंखला पर नियमित निगरानी रखी जाए। साथ ही औषधियों की गुणवत्ता, भंडारण एवं बिक्री से संबंधित मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए।

आयुक्त ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे गढ़वाल मंडल में स्थापित ट्रांसफार्मरों, विद्युत पोलों तथा झूलती एवं क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। ऑडिट के दौरान चिन्हित कमियों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करते हुए जनसुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक उपाय तत्काल किए जाएं, ताकि विद्युत दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि शासकीय विभागों द्वारा विद्युत बिलों का भुगतान पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान नियमित रूप से कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मार्च माह में एकमुश्त भुगतान की परंपरा को समाप्त किया जाए तथा बिलों का समयबद्ध एवं नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए, जिससे अनावश्यक देयताओं और वित्तीय दबाव से बचा जा सके। उन्होंने वन विभाग बरसात के मौसम में कराए जाने वाले वनीकरण के कार्यों में तेजी लाने को कहा। वहीं पुरातत्व विभाग को संरक्षित धार्मिक स्थलों की सूची उपलब्ध करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में मुख्य वन संरक्षक आकाश वर्मा, अपर निदेशक अर्थ एवं संख्या गीतांजलि शर्मा, आरएस रावत डिप्टी कमिश्नर खाद्य सुरक्षा, डॉ सुधीर कुमार एडीसी एफडीए उत्तराखंड, एमडी सिंह यूपीसीएल, अनिरुद्ध सिंह बिष्ट प्रभारी के. पु. इकाई पौड़ी, संरक्षण सहायक अनिल नेगी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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