निठारी कांड के पूर्व आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत पर सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

देहरादून – हरिद्वार में निठारी हत्याकांड के पूर्व आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत के चार दिन बाद भी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिवार के कुछ सदस्यों ने उनकी मौत को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। रिपोर्ट अगले एक-दो दिन में मिलने की उम्मीद है।
पुलिस के मुताबिक, कोली के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, उनकी नाक और मुंह के पास खून के निशान पाए गए। शुरुआती जांच में मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
बताया गया कि कोली ने हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में किराए की एक छोटी दुकान लेकर चाय बेचने का काम शुरू किया था। दुकान शुरू करने के लिए उन्होंने पांच हजार रुपये उधार लिए थे। पुलिस के अनुसार, वह आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। हरिद्वार में रहने के दौरान उन्हें कम समय में चार बार कमरा बदलना पड़ा था।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है। अधिकारियों के अनुसार, कोली अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। आधार कार्ड या पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करा पाने के कारण उन्हें कई बार नौकरी भी छोड़नी पड़ी थी।
निठारी हत्याकांड वर्ष 2006 में सामने आया था। नोएडा के सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के बंगले के पीछे और आसपास की नालियों से कंकाल, खोपड़ियां और हड्डियां मिलने के बाद मामला सुर्खियों में आया था। कोली पंढेर के घर पर घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था।
इस मामले में पंढेर भी लंबे समय तक जेल में रहे और बाद में अदालत से बरी होने के बाद 20 अक्टूबर 2023 को रिहा हुए। निठारी कांड से जुड़े 13 मामलों में कोली को पहले ही बरी किया जा चुका था। आखिरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2025 में उसे बरी कर दिया था। अब उसकी मौत की परिस्थितियों को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।




