कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का बदरीनाथ धाम कूच तथा न्याय यात्रा हास्यास्पद- हेमंत द्विवेदी

आरोप लगाने का शौक है तो प्रमाण लेकर आइये, राजनीतिक नौटंकी बंद कीजिए : हेमंत द्विवेदी
देहरादून: भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आज बदरीनाथ धाम पहुंचने संबंधी अल्टीमेटम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की राजनीतिक चुनौती हास्यास्पद है और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास प्रतीत होती है उन्होंने कांग्रेस की न्याय यात्रा को ढ़कोसला बताया
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष की जवाबदेही निर्धारित तथ्यों, नियमों और संस्थागत प्रक्रियाओं के आधार पर तय होती है, न कि कांग्रेस के राजनीतिक फरमानों से तय होगी।उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने का सभी को अधिकार है, लेकिन ऐसे सवालों के पीछे राजनीतिक स्वार्थ नहीं, बल्कि तथ्य और जनहित की भावना होनी चाहिए।
हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस पर सनातन धर्म और हिंदू आस्था के मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर के विषय पर कांग्रेस नेतृत्व के पुराने रुख को जनता भूली नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि वे गढ़वाल के सपूत और देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की कथित अमर्यादित टिप्पणी के विषय में अपना पक्ष स्पष्ट क्यों नहीं करते।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय सम्मान जैसे विषयों पर सुविधानुसार राजनीति करने के बजाय अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए
बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की अनियमितता को लेकर आरोप लगाने हैं, तो वे तथ्यों और प्रमाणों के साथ सामने आएं।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा बदरी विशाल का पवित्र धाम कोई राजनीतिक अखाड़ा नहीं है, जहां कैमरों के सामने चुनौती देकर स्वयं को धर्म और आस्था का सबसे बड़ा रक्षक साबित करने की कोशिश की जाए। उन्होंने कहा कि आरोप लगाना आसान है, लेकिन उन्हें प्रमाणित करने के लिए ठोस साक्ष्य आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि वे तथ्यों और जवाबदेही से पीछे हटने वालों में से नहीं हैं, लेकिन किसी की राजनीतिक पटकथा के अनुसार चलने के लिए भी बाध्य नहीं हैं।
भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी ने केदारनाथ धाम में सोने से संबंधित आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 230 किलो सोने के 23 किलो होने की बात किस आधार पर कही जा रही है? यदि कांग्रेस के पास चढ़ावे में कथित अनियमितताओं से जुड़े प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। केवल बयानबाजी और सनसनी फैलाने से न तो सच्चाई बदलती है और न ही किसी पर लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं।
उन्होंने कहा कि जनता को भ्रमित करने के बजाय कांग्रेस नेताओं को अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और तथ्य प्रस्तुत करने चाहिए। किसी भी अनियमितता की जांच निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।
हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस पर सनातन धर्म और हिंदू आस्था के मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर के विषय पर कांग्रेस नेतृत्व के पुराने रुख को जनता भूली नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि वे गढ़वाल के सपूत और देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की कथित अमर्यादित टिप्पणी के विषय में अपना पक्ष स्पष्ट क्यों नहीं करते।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय सम्मान जैसे विषयों पर सुविधानुसार राजनीति करने के बजाय अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक परंपराओं को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाने की कोशिश उचित नहीं है।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और कमजोर होती राजनीतिक जमीन के कारण उसके नेता इस प्रकार के राजनीतिक हथकंडे अपना रहे हैं। भाजपा नेताओं को चुनौती देने या सार्वजनिक बयानबाजी करने से कांग्रेस अपनी खोई हुई साख वापस नहीं पा सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर जनता के बीच जाना चाहिए और अपने कार्यों का हिसाब देना चाहिए। हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि आरोप लगाए जाएंगे तो प्रमाण देने होंगे, सवाल उठेंगे तो तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाएगा और अनियमितता का दावा होगा तो निर्धारित जांच प्रक्रिया का सामना करना होगा।



