उत्तराखण्ड

खिर्सू के कठूड़ गांव पहुंचीं डीएम स्वाति भदौरिया, चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए निर्देश

गांव के समग्र विकास की सराहना, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश; आंगनबाड़ी, इंटर कॉलेज एवं आयुर्वेदिक चिकित्सालय का किया निरीक्षण

विद्यार्थियों से संवाद कर परखी शैक्षणिक गुणवत्ता, उन्नत विज्ञान प्रयोगशाला और करियर काउंसलिंग और पर फोकस करने के दिए निर्देश

आयुर्वेदिक चिकित्सालय का निरीक्षण, ओपीडी वृद्धि, दवा व्यवस्था एवं स्वच्छता पर दिए निर्देश; नियमित स्वास्थ्य शिविर पर भी दिया जोर

पौड़ी गढ़वाल:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं और सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने आज विकासखंड खिर्सू के निर्मल ग्राम कठूड़ में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों का निरीक्षण किया और शिक्षा, स्वास्थ्य व आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कठूड़ पहुंचने पर जिलाधिकारी का पारंपरिक ढोल-दमाऊँ के साथ स्वागत किया गया। उन्होंने गांव के नवनिर्मित प्रवेश द्वार का लोकार्पण किया तथा चौपाल के दौरान 94 वर्षीय धुपणी देवी को सम्मानित कर उनका आशीर्वाद लिया।

चौपाल में ग्रामीणों ने कोटी-कमेड़ा-कठूली सड़क निर्माण, पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग से गांव तक सड़क, पशुओं के चारे की समस्या सहित अन्य स्थानीय मुद्दे उठाए। जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि एक सड़क का सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि दूसरी सड़क का निर्माण कार्य एक सप्ताह के भीतर शुरू किया जाएगा।

डीएम ने नेपियर घास एवं अन्य चारा फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर उसे पुनः संचालित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से सरकारी विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने की अपील भी की।

उन्होंने गांव में सीसीटीवी व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्र, कंपोस्ट पिट, पंचायत भवन सहित अन्य व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि कठूड़ में जनभागीदारी से हुआ विकास अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत है और जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा।

चौपाल के बाद जिलाधिकारी ने जनता इंटरमीडिएट कॉलेज, जामणाखाल का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों को मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए विद्यालय में सोलर संयंत्र का प्रस्ताव तैयार करने, नियमित करियर काउंसलिंग आयोजित करने और विज्ञान प्रयोगशाला को शीघ्र पूर्ण एवं सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, जामणाखाल का निरीक्षण किया और दवाओं के बेहतर रखरखाव, साफ-सफाई, ओपीडी बढ़ाने, नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा चिकित्सालय के स्थायी भवन के लिए भूमि प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही अनुपयोगी शासकीय भवन उपलब्ध होने पर उसके उपयोग का प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा।

निरीक्षण एवं चौपाल के दौरान उप जिलाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, अन्य विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button